Tuesday, December 18, 2007
लॉट आया हूँ
मैं बहुत दिनों से ब्लॉग नहीं लिख रहा हूँ । न किसी की कोई कविता दे रहा हूँ , न अपनी । न किसी की खबर ले रहा हूँ , न अपनी दे रहा हूँ । यह बात मुझे आज अचानक तब पता चली , जब अचानक आज मैंने अपना ब्लॉग देखा । मेरा ब्लॉग कोई नहीं देखता , नहीं तो कोई न कोई मुझे यह बताता ही कि मैं अपना ब्लॉग नही लिख रहा हूँ। खैर मैं खुद आपसे बता रहा हूँ कि मैं ब्लॉग नही लिख रहा हूँ । देर हो गई क्षमा करेंगे , दरअसल मुझे खुद देर से यह बात पता चली कि मैं अपना ब्लॉग नहीं लिख रहा हूँ , दूसरों का क्या गिला करूं , जब अपना ब्लॉग मैं खुद ही नही देखता । और जब मैं ही अपना ब्लॉग नही देखता तो भला आप कैसे देखेंगे ? दरअसल मैं एक समुद्री यात्रा पर चला गया था । वहाँ मैं अपना ब्लॉग भला कैसे देखता या आपका ही कैसे देखता । समुद्री यात्रा में मेरा कुछ नहीं उखडा , मोबाइल और डूब गया । नया लिया है , नम्बर है-०९९१०२२२५६४आप् की दुआ से यह बना रहेगा , यह आशा है , क्या ?
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